Jul 16, 2021
394 Views
1 0

धन की देवी महालक्ष्मी को प्रिय है शुक्रवार। शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है

Written by

धन की देवी महालक्ष्मी को प्रिय है शुक्रवार। laxmimata

शुक्रवार friday को माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है इससे धन ,सौभाग्य और समृद्धि मिलती है। माता लक्ष्मी अपने भक्तों पर सदैव कृपा की दृष्टि रखती है और उनकी मनोकामना को शीघ्र पूरा करती है। माता लक्ष्मी सदैव श्री हरि विष्णु की धर्मपत्नी है।

माता लक्ष्मी को लाल गुलाब प्रिय है उनके व्रत व्रत में उन्हें लाल गुलाब चढ़ाया जाता है।अश्विन मास में महालक्ष्मी व्रत किया जाता है। इस साल महालक्ष्मी व्रत या गजलक्ष्मी व्रत 10 सितंबर को पड़ रहा है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से मां लक्ष्मी का

सदैव साथ बना रहता है। इसके साथ ही व्रत करने वालों को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि महालक्ष्मी व्रत में गज यानी हाथी पर बैठी महालक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। राधाष्टमी के दिन से शुरू होने वाले इस व्रत का पितृपक्ष की अष्टमी के दिन पारण किया जाता है।

माता लक्ष्मी के 8 स्वरूप आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, विजयालक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी माने गए हैं। महालक्ष्मी व्रत के दिन लोग हाथी पर बैठी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने करते हैं।

मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा और व्रत कथा पढ़ने या सुनने मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। महालक्ष्मी व्रत में व्रत कथा को जरूर सुनना या पढ़ना चाहिए, वरना यह व्रत अधूरा माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *